बता दे कि, इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें जिम्मेदारियों का अनुभव कराना था। एक दिन की प्रधानाध्यापक बनी मरियम ने पूरे आत्मविश्वास के साथ विद्यालय का संचालन किया। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया, बच्चों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान के लिए प्रयास भी किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने नवदुर्गा स्वरूप प्रस्तुत कर महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने का संदेश दिया। साथ ही सरकार द्वारा जारी विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की गई और महिलाओं से संबंधित अधिकारों एवं योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रीति श्रीवास्तव ने मरियम को विद्यालय संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया। इस दौरान विद्यालय में मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण की औपचारिक शुरुआत भी की गई।
अपने अनुभव साझा करते हुए मरियम ने बताया कि प्रधानाध्यापक बनना उनके लिए गर्व और खुशी की बात रही। उन्होंने कहा कि इस जिम्मेदारी को निभाते हुए उन्हें एहसास हुआ कि यह पद कितना महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने भविष्य में अपनी प्रीति मैम की तरह प्रधानाध्यापक बनने की इच्छा भी व्यक्त की।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और इस पहल की सराहना करते हुए छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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