HC का बड़ा एक्शन: बृजभूषण सिंह, राजा भैया और धनंजय सिंह समेत 19 बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंस का मांगा ब्योरा, जानिए कोर्ट ने क्यों उठाए सवाल
गन कल्चर और लाइसेंस के दुरुपयोग पर कोर्ट नाराज
हाईकोर्ट ने शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक मामलों में शामिल लोगों को लाइसेंस जारी किए जाने और हथियारों के खुले प्रदर्शन पर गंभीर चिंता जताई है। जस्टिस Vinod Diwakar की अदालत ने राज्य सरकार से लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया, नियमों के पालन और नवीनीकरण को लेकर जवाब मांगा है। कोर्ट ने सभी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लाइसेंसधारियों के सही पते, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों, लाइसेंस की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश संतकबीर नगर निवासी जयशंकर की याचिका पर दिया गया।
सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि प्रदेश में कुल 10,08,953 शस्त्र लाइसेंसधारी हैं, जबकि 23,407 लाइसेंस अभी लंबित हैं। हलफनामे के मुताबिक 6,062 ऐसे लोग पाए गए हैं, जिनके खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के बावजूद उन्हें लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसके अलावा राज्य में 20,960 ऐसे परिवार भी हैं, जिनके पास एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस मौजूद हैं। इस आंकड़े पर हैरानी जताते हुए हाईकोर्ट ने कई बाहुबलियों का पूरा आपराधिक रिकॉर्ड और उन्हें मिली सरकारी सुरक्षा का भी ब्यौरा मांगा है।
इन बाहुबलियों का मांगा गया रिकॉर्ड
कोर्ट ने जिन लोगों का रिकॉर्ड तलब किया है, उनमें रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया, अब्बास अंसारी, बृजभूषण शरण सिंह, धनंजय सिंह, विनीत सिंह, बृजेश सिंह, खान मुबारक, अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही, संजय सिंह सिंगला, अतुल वर्मा, मोहम्मद साहब, सुधाकर सिंह, गुड्डू सिंह, अनूप सिंह, लल्लू यादव, बच्चू यादव और जुगनू वालिया जैसे नाम शामिल हैं।
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