ग्रामीण अरविन्द मिश्र, सुशील मिश्र,पंकज मिश्र, का आरोप है कि ग्राम प्रधान निर्मला पाल तथा उनके पुत्र विरेंद्र पाल, जो ग्राम रोजगार सेवक एवं प्रधान प्रतिनिधि भी हैं, द्वारा पिछले चार वर्षों से अधिक समय से योजनाओं के नाम पर अनियमितता और धनउगाही की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर गरीब व असहाय महिलाओं से 15 से 25 हजार रुपये तक की कथित रिश्वत ली गई, इसके बावजूद आज तक आवास का निर्माण नहीं कराया गया। कई महिलाएं पन्नी डालकर रहने को मजबूर हैं। वहीं शौचालय योजना में कागजों पर निर्माण दिखाकर धन निकासी करा ली गई, जबकि मौके पर शौचालय नहीं बने। मनरेगा योजना में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि 15 से 17 वर्ष के नाबालिग बच्चों के जॉबकार्ड बनवाकर उनके खातों में मजदूरी भेजी गई। बाद में उनसे पैसा निकलवाकर आंशिक राशि देकर शेष रकम हड़प ली गई। इसके अलावा नवविवाहित महिलाओं और लंबे समय से परदे में रहने वाले लोगों के खातों में भी मजदूरी भुगतान दिखाए जाने का आरोप है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा के कार्य जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर से कराए गए, जो शासन की गाइडलाइंस के विरुद्ध है। इन कार्यों का भुगतान परिवारजनों और करीबी लोगों के जॉबकार्ड के माध्यम से कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसके वीडियो और अन्य साक्ष्य भी मौजूद हैं।
मार्ग निर्माण कार्यों में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। खड़ंजा, चकरोड, इंटरलॉकिंग और सीसी रोड में दूरी को वास्तविक से कई गुना अधिक दिखाकर भुगतान कराया गया। वहीं एक ही सड़कों को अलग-अलग वित्तीय वर्षों में दोबारा निर्माण दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान कराया गया। इसके अलावा तालाब सौंदर्यीकरण, मेड़ समतलीकरण, विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्य दिखाकर भुगतान करने का आरोप भी ग्रामीणों ने लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि जिनके पास पक्के दोमंजिला मकान और चारपहिया वाहन हैं, उन्हें भी आवास योजना का लाभ दिया गया, जबकि पात्र गरीब परिवार वंचित रह गए।
ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी द्वारा बीएसए जौनपुर को जांच अधिकारी नामित किया गया, जिन्होंने आगे जांच की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी महराजगंज अरविन्द पाण्डेय को सौंपी। जांच अधिकारी बीते मंगलवार लमहन गांव पहुंचे और लगभग 42 बिंदुओं पर अभिलेखीय जांच की। इस दौरान कई मामलों में अनियमितता के प्रमाण संकलित किए गए। जांच के दौरान गांव की गरीब महिला विमला देवी ,मीरा देवी व कई अन्य गरीब महिलाएं अधिकारियों के सामने फूट-फूटकर रोते हुए बताया कि प्रधान पुत्र वीरेन्द्र पाल द्वारा कालोनी के नाम पर 15 से 20 हजार रूपये तक उनसे वसूली की गयी है इसी तरह शौचालय नाली चकरोड आरसीसी खड़जा व अन् कई योजनाओं में हुई कथित लूटपाट की दास्तान सुनाई।
जांच के संबंध में पूछे जाने पर खंड शिक्षा अधिकारी महराजगंज अरबिन्द पांडेय ने बताया कि अभिलेखीय जांच की गई है तथा शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे साक्ष्यों को संलग्न किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगे तकनीकी अधिकारियों के साथ स्थलीय जांच भी कराई जाएगी।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और कठोर जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन की लूट पर अंकुश लग सके और वास्तविक पात्रों को योजनाओं का लाभ मिल सके।


