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| जानलेवा मांझे के खिलाफ पोस्टर अभियान |
Jaunpur News: जौनपुर में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज, नायलॉन और सिंथेटिक मांझे की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। पर्यावरण और जनसुरक्षा से जुड़े नियमों को दरकिनार कर यह खतरनाक मांझा खुले बाजारों में उपलब्ध है, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों के साथ-साथ पक्षियों और जानवरों की जान पर गंभीर संकट बना हुआ है।
मांझे की चपेट में आने से शिक्षक संदीप तिवारी की हुई थी मौत
बता दे कि बीते 11 दिसंबर को शास्त्री पुल पर हुई दर्दनाक घटना ने इस खतरे की भयावहता को उजागर कर दिया। प्रतिबंधित मांझे की चपेट में आने से शिक्षक संदीप तिवारी की असमय मौत हो गई। इस हादसे के बाद शहर के जागरूक नागरिकों ने एकजुट होकर ‘किलर मांझा प्रतिबंध अभियान समिति’ के बैनर तले विरोध और जनजागरूकता की मुहिम शुरू की। पोस्टरों और अपीलों के जरिए लोगों को इस घातक मांझे से दूर रहने के लिए सचेत किया जा रहा है।
पतंग उड़ाने में केवल सूती धागे का इस्तेमाल करें: अतुल सिंह
अभियान से जुड़े अधिवक्ता अतुल सिंह ने लोगो से अपील करते हुए कहा कि पतंग उड़ाने में केवल पारंपरिक सूती धागे का इस्तेमाल करें और अवैध मांझे की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों को कड़े दंड का सामना करना पड़ सकता है।
छापेमारी नहीं हुई तो एनजीटी या उच्च न्यायालय जाएगी समिति
इस अवसर पर डॉ. अब्बासी ने कहा कि यह मांझा इंसानी गर्दन के साथ-साथ पक्षियों के पंखों और पशुओं के शरीर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। वहीं दिव्यप्रकाश सिंह ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही दुकानों पर छापेमारी कर अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई, तो समिति एनजीटी या उच्च न्यायालय में कानूनी कदम उठाने को मजबूर होगी।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
अभियान में आशीष शुक्ल, विराज ठाकुर, सुधांशु सिंह, अंकित यादव और विकास तिवारी समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे। सभी ने एकमत से मांग की कि प्रशासन सख्ती दिखाए, ताकि जौनपुर में फिर किसी निर्दोष की जान इस जानलेवा मांझे की भेंट न चढ़े।

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