जौनपुर के एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत, इलाज में लापरवाही का आरोप, परिजनों ने किया हंगामा
परिजनों के अनुसार, रेखा को प्रसव पीड़ा होने पर 10 जुलाई को नाऊपुर स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में ऑपरेशन के माध्यम से उसने एक बच्ची को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से ही रेखा की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
दूसरे अस्पताल में रेफर करने की मांग करते रहे परिजन
परिजनों का आरोप है कि रेखा की हालत बिगड़ने के बाद वे लगातार उसे किसी दूसरे अस्पताल में रेफर करने की मांग करते रहे, लेकिन अस्पताल की ओर से समय पर रेफर नहीं किया गया। इस बीच मंगलवार सुबह उपचार के दौरान रेखा की मौत हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि रेखा की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन शव को दूसरे अस्पताल भेजने की बात कहने लगा। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
घटना की जानकारी मिलने पर सीओ केराकत अजय राय, कोतवाली प्रभारी द्वारिका यादव, चंदवक थाना प्रभारी अमित सिंह और जलालपुर थाना प्रभारी सत्येंद्र विक्रम सिंह सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों तथा ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की टीम ने शुरू की अभिलेखों की जांच
पुलिस के अनुसार, परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के आधार पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की टीम भी अस्पताल पहुंची तथा अस्पताल से संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू कर दी।
परिजनों की ओर से मुआवजे की मांग किए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद दो लाख रुपये में आपसी सहमति से समझौता हो गया। समझौते के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रेखा की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। नवजात बच्ची के सिर से जन्म के कुछ ही दिनों बाद मां का साया उठ गया। घटना से परिजनों के साथ ही गांव के लोगों में भी शोक का माहौल है।
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