जिलाधिकारी सैमुअल पॉल ने मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण, अधूरे कार्यों पर जताई नाराजगी
प्रशासनिक एवं शैक्षणिक भवन का निरीक्षण
मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया के साथ पहुंचे जिलाधिकारी ने सबसे पहले प्रशासनिक भवन का निरीक्षण किया और लिफ्ट निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर शीघ्रता लाने का निर्देश दिया। केंद्रीय पुस्तकालय और ई-लाइब्रेरी का जायजा लेते हुए विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। शैक्षणिक भवन में एनाटॉमी विभाग, म्यूजियम एवं डिसेक्शन हॉल का निरीक्षण करते हुए डीएम ने सेंट्रल एसी प्रणाली की तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया। साथ ही सफाई व्यवस्था, केबल प्रबंधन, सुरक्षा रेलिंग और अन्य अधूरे निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।
अस्पताल की व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
अस्पताल भवन के निरीक्षण के दौरान ओपीडी पंजीकरण काउंटर, विभिन्न विभागों की ओपीडी और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 1500 से 2000 मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए साइनेज, साफ-सफाई, वातानुकूलन और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए डीएम ने अस्पताल परिसर में अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यों को तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मरीजों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
छात्रावास, सीसीयू भवन और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा
पुरुष छात्रावास में भोजन व्यवस्था, मेस की साफ-सफाई और परिसर की स्वच्छता का निरीक्षण करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गए। वहीं निर्माणाधीन सीसीयू भवन की प्रगति की समीक्षा कर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने सब स्टेशन, विद्युत आपूर्ति, जलापूर्ति और अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े सभी अधूरे कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और वह स्वयं प्रत्येक माह निरीक्षण कर गुणवत्ता एवं प्रगति का मूल्यांकन करेंगे। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्य प्रो. आर.बी. कमल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ए.ए. जाफरी, वित्त नियंत्रक अतुल चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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