महराजगंज (जौनपुर): स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम सभा चारो निवासी रमाशंकर यादव पुत्र रामदेव ने ग्राम प्रधान एवं अन्य कई लोगों के विरुद्ध गंभीर अनियमितताओं और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। न्यायालय के आदेश पर थाना महराजगंज की पुलिस ने तत्कालीन ग्राम प्रधान, बीडीओ, सचिव समेत कुल 17 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है।
घटना की अवधि 30 अक्टूबर 2016 से 24 दिसंबर 2020 के बीच की बताई गई है। प्राथी का आरोप है कि ग्राम पंचायत चारो में शिवनाथ यादव वर्ष 2015 में ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए थे, लेकिन ग्राम पंचायत से संबंधित समस्त कार्य प्रधान के पुत्र बृजेश यादव द्वारा संचालित किया जाता रहा।
शिकायतकर्ता के अनुसार सरकारी मद से जारी धनराशि का भुगतान कराकर कुल 36 बिंदुओं पर लगभग 1 करोड़ 58 लाख रुपये का गमन किया गया। आरोप है कि कूटरचित बिल एवं फर्जी वाउचर तैयार कर सरकारी धन की बंदरबांट की गई। मामले में ग्राम पंचायत सचिव संतोष दुबे, जेई धर्मराज, तत्कालीन खंड विकास अधिकारी महराजगंज, निर्माण समिति के अध्यक्ष सहित कई अधिकारी एवं निजी ईंट उद्योगों को भी अभियुक्त बनाया गया है। मामले में कई गवाहों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें गांव के निवासी तथा जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय चारो से संबंधित तत्कालीन ग्राम पंचायत से जुड़े अधिकारी भी शामिल बताए गए हैं।
मुकदमे में तत्कालीन ग्राम प्रधान शिवनाथ यादव, प्रधान पुत्र बृजेश यादव, सचिव संतोष दुबे, जेई धर्मराज, तत्कालीन खंड विकास अधिकारी महराजगंज, अध्यक्ष निर्माण समिति चारो, नरसिंह यादव, पामस ईंट उद्योग, आर.एन. ईंट उद्योग, सीमेंट एजेंसी, ओम ईंट उद्योग, बालाजी इंटरप्राइजेज, सूर्या ब्रिक्स एंड टाइल्स उद्योग, पावर ईंट उद्योग, शिवजी इंटरप्राइजेज, रुद्र इंटरप्राइजेज, शिवशंकर स्पैन पाइप उद्योग तथा रामआसरे यादव के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुटी हुई है।

