धरने को संबोधित करते हुए ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष विनय यादव ने कहा कि ग्राम सचिवों का कार्य पूरी तरह फील्ड आधारित है। ऐसे में ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था अव्यावहारिक, मनमानी और कार्य के स्वभाव के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सचिवों से मूल विभागीय दायित्वों के अलावा क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक, फॉर्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी, पराली प्रबंधन, गौशाला संचालन, छुट्टा गौवंश एवं श्वान संरक्षण, पीएम सूर्यघर योजना, समाज कल्याण और राशन कार्ड सत्यापन सहित अनेक विभागों के कार्य जबरन कराए जा रहे हैं। इससे सचिव लगातार अत्यधिक कार्यदबाव और मानसिक तनाव झेलने को विवश हैं, जिसके चलते दुर्घटना और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि ऑनलाइन हाजिरी सहित अव्यावहारिक आदेशों को शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन के अगले चरण में सभी सचिव अपने-अपने डोंगल कार्यालय में जमा कर देंगे। बताया गया कि एक दिसंबर से शुरू हुए इस चरणबद्ध सत्याग्रह के अंतर्गत ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी काली पट्टी बांधकर शासनादेशों का विरोध दर्ज कर रहे हैं। धरना-प्रदर्शन के बाद सचिवों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार मौर्य को सौंपते हुए मांगों के समाधान की अपेक्षा जताई।
कार्यक्रम में सुरेंद्र यादव, ज्योति सिंह, विकास यादव, सतेंद्र यादव, शेष नारायण मौर्य, प्रशांत यादव, शशिकांत सोनकर, विकास गौतम, संतोष दुबे, प्रफुल्ल यादव सहित अनेक सचिव उपस्थित रहे।

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