अध्यक्षता करते हुए ज़िलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने ग्रामीण समाज और किसानों को राजनीतिक पहचान दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि यदि चौधरी चरण सिंह न होते तो गांव के व्यक्ति के लिए सांसद या विधायक बनने की कल्पना भी मुश्किल थी। किसानों के अधिकारों, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए उनका संघर्ष आज भी प्रेरणादायक है। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और जनसेवा का प्रतीक रहा। चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने सपाजनों से अपील की कि उनके जीवन से प्रेरणा लेकर जनहित में कार्य करें और उनके पदचिह्नों पर चलें।
गोष्ठी को पूर्व विधायक श्रद्धा यादव, प्रदेश सचिव हिसामुद्दीन शाह, डॉ वीरेंद्र यादव, ज़िला उपाध्यक्ष गण, महेंद्र यादव, श्यामबहादुर पाल, डॉ जीतेन्द्र यादव, महेंद्र यादव नैपाल, ज़िला सचिव गण डॉ रामसूरत पटेल, कमलेश यादव, विधानसभा अध्यक्ष गण निज़ामुद्दीन अंसारी, रामू मौर्य, नंदलाल यादव, डॉ जंगबहादुर यादव, अशोक यादव नायक, हरिश्चंद प्रभाकर, श्यामनारायण बिंद, राम अभिलाष यादव, राजेश यादव आदि ने संबोधित करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया।
गोष्ठी में ज़िला उपाध्यक्ष इरशाद मंसूरी, सचिव गुलाब यादव, संजीव साहू, जिलानी ख़ान, शर्मिला रमेश यादव, सुशीला यादव, पूनम यादव, शालिनी यादव, राधिका यादव, प्रदीप पाल, अरविंद यादव, रविन्द्र मौर्य, अमजद अंसारी सहित सैकड़ों सपाजन उपस्थित रहे। गोष्ठी का संचालन ज़िला महासचिव आरिफ हबीब ने किया।


