Jaunpur News: भूपेंद्र सिंह हत्याकांड में डेढ़ साल में आया फैसला, तीनों दोषियों को उम्रकैद

जौनपुर। रामायण सुनकर घर लौट रहे भूपेंद्र सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने महज डेढ़ साल में फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को आजीवन कारा...

Jaunpur News: Verdict delivered in Bhupendra Singh murder case after one and a half years; all three convicts sentenced to life imprisonment.

जौनपुर।
रामायण सुनकर घर लौट रहे भूपेंद्र सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने महज डेढ़ साल में फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों को दोषसिद्ध करते हुए प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न जमा करने पर दोषियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता लालबहादुर पाल ने अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी की।

सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के संदहा गांव से जुड़े इस हत्याकांड ने उस समय इलाके में सनसनी फैला दी थी। मुकदमा अपराध संख्या 71/25 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर लगातार प्रभावी पैरवी की।

तीनों आरोपियों पर अदालत ने लगाई मुहर

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जौनपुर की अदालत ने गामा बिन्द उर्फ विकास पुत्र स्व. फूलचंद्र बिन्द, अमित बिन्द पुत्र तीजू और दीपक यादव पुत्र गुल्लू यादव, सभी निवासी संदहा, थाना सरायख्वाजा, को आरोपित धाराओं में दोषसिद्ध करार दिया। अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

डेढ़ साल में आया फैसला

इस मामले में पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते करीब डेढ़ साल के भीतर ही न्यायालय से फैसला आ गया। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत गंभीर आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस और अभियोजन की ओर से लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है।

भूपेंद्र सिंह हत्याकांड में भी इसी अभियान के तहत मुकदमे की प्रभावी पैरवी की गई। जिला शासकीय अधिवक्ता लालबहादुर पाल की ओर से न्यायालय में मामले को मजबूती से रखा गया। साक्ष्यों और अभियोजन की पैरवी के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

हत्याकांड में तीनों को उम्रकैद से पीड़ित परिवार को मिला न्याय

फैसले के बाद इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई। गंभीर हत्या के मामले में तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने को पुलिस ने अपनी प्रभावी विवेचना और अभियोजन की पैरवी की सफलता के रूप में बताया है। पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत ऐसे मामलों में दोषियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए साक्ष्य संकलन से लेकर न्यायालय में पैरवी तक विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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