जौनपुर में खुले बोरवेल और गड्ढों पर प्रशासन सख्त, लापरवाही मिलने पर होगी बड़ी कार्रवाई
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| जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन |
जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन ने सभी अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को अपने-अपने क्षेत्रों में खुले और असुरक्षित गड्ढों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे गड्ढों की पहचान खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के माध्यम से भी कराई जाएगी।
खुले गड्ढे मिलने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ होगी कार्रवाई
प्रशासन का जोर केवल खुले गड्ढों को चिह्नित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि गड्ढा किसने और किस काम के लिए खोदा है। यदि निरीक्षण के दौरान कोई बोरवेल, सबमर्सिबल या अन्य गड्ढा खुला और असुरक्षित पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बोरवेल या सबमर्सिबल पंप लगाने के लिए गड्ढा खोदने के बाद उसे खुला छोड़ना हादसे को न्योता देने जैसा है। इसलिए काम पूरा होने तक गड्ढे को सुरक्षित तरीके से ढकना या उसके चारों ओर पर्याप्त सुरक्षा घेरा बनाना जरूरी है।
बारिश में कई गुना बढ़ जाता है खुले गड्ढों का खतरा
बारिश के दौरान खुले गड्ढों में पानी भर जाने से उनका खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पानी भरने के बाद गड्ढे की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। वहीं, आसपास की जमीन भी दलदली हो सकती है, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थानों को सुरक्षित कराने पर जोर दिया है। ईओ और बीडीओ को अपने-अपने क्षेत्रों में जांच कर खुले गड्ढों की स्थिति का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासन की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि खुले और असुरक्षित गड्ढे के कारण कोई अप्रिय घटना होती है तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ जेल भेजने तक की कार्रवाई की जा सकती है। गारोपुर में दो बच्चों की मौत के बाद प्रशासन की यह सख्ती भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
