जौनपुर: व्हाट्सएप स्टेटस के बाद सिपाही ने उठाया खौफनाक कदम, गंभीर हालत में वाराणसी रेफर
गंभीर स्थिति को देखते हुए वाराणसी रेफर
मिली जानकारी के अनुसार, मिर्जापुर निवासी विवेक गौड़ पिछले करीब दो वर्षों से बरसठी थाने में तैनात हैं और थाने में मुंशी का कार्य देख रहे थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे उन्होंने अपने परिजनों से वीडियो कॉल पर बातचीत की। बातचीत समाप्त होने के कुछ समय बाद उन्होंने विषाक्त पदार्थ पीने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद एक अन्य पुलिसकर्मी ने उन्हें रोकने की कोशिश की और उनके हाथ से कटोरा गिरा दिया। इसके बावजूद विवेक ने बचा हुआ कुछ विषाक्त पदार्थ उठाकर पी लिया। इसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। साथी पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया गया।
व्हाट्सएप स्टेटस बना चर्चा का विषय
घटना से पहले विवेक गौड़ ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था, "इस जीवन में कोई नहीं अपना, सब मतलब के हैं।" घटना के बाद यह स्टेटस भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
डॉक्टर ने क्या बताया
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि बरसठी थाने में तैनात एक सिपाही को विषाक्त पदार्थ के सेवन की हालत में अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
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