Jaunpur News: दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में अधिवक्ता समिति का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
अधिवक्ता समिति ने उठाई कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष लालचंद गौतम एडवोकेट एवं महामंत्री राजीव कुमार सिंह (डब्लू) के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। समिति ने राष्ट्रपति से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में रखीं छह प्रमुख मांगें
अधिवक्ता समिति ने अपने ज्ञापन में छह प्रमुख मांगें भी शामिल की हैं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाने, घायल छात्र-छात्राओं का समुचित एवं निशुल्क उपचार कराने, प्रत्येक घायल छात्र-छात्रा को आर्थिक सहायता प्रदान करने, मृत छात्र के परिजनों को उचित मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा छात्रों पर हमला करने वाले कथित असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की उठाई मांग
अधिवक्ता समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक, विशेषकर छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। ऐसे में उनके साथ कथित बल प्रयोग अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। समिति ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष एवं न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को प्रेषित किया गया।
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