प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या मामले में दो दोषियों को उम्रकैद, पहचान छिपाने के लिए कुएं में फेंका था शव

जौनपुर। मड़ियाहूं थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में हुए चर्चित हत्या कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपितों को दोषी करार दिया है।...

जौनपुर न्यूज, मड़ियाहूं थाना, प्रेम प्रसंग हत्या, जौनपुर हत्याकांड, उम्रकैद सजा, बिंदु देवी, नागेंद्र मिश्र, रामजीत पाल हत्या, कुएं में शव, यूपी क्राइम न्यूज, Jaunpur News, Murder Case Jaunpur, Mariyahu News, Crime News UP, Life Imprisonment News, UP Crime Update, Hindi News Jaunpur

जौनपुर। मड़ियाहूं थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में हुए चर्चित हत्या कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपितों को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार सिंह की अदालत ने बिंदु देवी और नागेंद्र मिश्र को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही आदेश दिया कि जुर्माने की आधी धनराशि वादी पक्ष को दी जाएगी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के बांसदेव पट्टी गांव निवासी रामजीत पाल 7 सितंबर 2018 की दोपहर करीब दो बजे घर से ट्रैक्टर एजेंसी जाने की बात कहकर निकले थे। देर रात तक घर वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिवार के लोगों ने मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, मगर फोन बंद मिला। इसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन जारी रही।

घटना के तीन दिन बाद 10 सितंबर 2018 को गांव अवरैला की कुम्हार बस्ती स्थित एक कुएं से तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कुएं की जांच की तो अंदर एक मोटरसाइकिल दिखाई दी। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद कुएं से शव बाहर निकाला गया। शव की स्थिति देखकर वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। शव कई टुकड़ों में कटा हुआ था। बाद में उसकी पहचान लापता रामजीत पाल के रूप में हुई।

पुलिस जांच में सामने आया कि प्रेम प्रसंग को लेकर बिंदु देवी और नागेंद्र मिश्र ने मिलकर रामजीत पाल की हत्या की थी। आरोप है कि हत्या के बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव के टुकड़े किए गए और उसे कुएं में फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले में साक्ष्य जुटाते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता वीरेंद्र मौर्य ने गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष का पक्ष मजबूती से रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपितों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।


    Home Trending Shorts Stories Join Now