गाजियाबाद की बेटी जाह्नवी गोयल ने बढ़ाया देश का मान, अमेरिका की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में मिला एडमिशन और 3 करोड़ की स्कॉलरशिप
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| जाह्नवी गोयल ने बढ़ाया देश का मान |
जाह्नवी गोयल ने 12वीं में हासिल किए 96.2 प्रतिशत अंक
जाह्नवी गोयल ने दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) गाजियाबाद से सत्र 2025-26 में कॉमर्स स्ट्रीम से कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 96.2 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इससे पहले भी वह 10वीं कक्षा में टॉपर्स की सूची में शामिल रह चुकी हैं। पढ़ाई के प्रति उनका अनुशासन और समर्पण शुरू से ही अलग रहा है। जाह्नवी ने बताया कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने कई बार रोजाना 12 घंटे तक पढ़ाई की। उनका मानना है कि सफलता के लिए लगातार मेहनत, सही योजना और समय का सही उपयोग बेहद जरूरी होता है। उन्होंने केवल पढ़ाई पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि कम्युनिकेशन स्किल्स, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज पर भी लगातार काम किया। यही वजह रही कि उनकी प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी के लिए बेहद मजबूत साबित हुई।
जाह्नवी का विदेश में पढ़ाई का सपना ऐसे हुआ पूरा
जाह्नवी का सपना शुरू से ही विदेश में उच्च शिक्षा हासिल कर ग्लोबल स्तर पर अपनी पहचान बनाने का था। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने काफी पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने इंटरनेशनल बिजनेस और ग्लोबल कॉमर्स से जुड़े विषयों पर गहराई से अध्ययन किया और अपनी स्किल्स को लगातार बेहतर बनाया। उनकी मेहनत और शानदार अकादमिक रिकॉर्ड का ही परिणाम है कि अमेरिका की प्रतिष्ठित डेनिसन यूनिवर्सिटी ने उन्हें इकोनॉमिक्स एंड ग्लोबल कॉमर्स के डबल मेजर प्रोग्राम में प्रवेश दिया। इसके साथ ही करीब 3 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप भी ऑफर की गई, जो किसी भी छात्र के लिए बेहद बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। जाह्नवी की इस सफलता के बाद परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों में खुशी का माहौल है। स्कूल प्रशासन ने भी इसे पूरे संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया है। स्कूल की प्रधानाचार्या प्रीति वासन ने जाह्नवी और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और लगन दूसरे छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी।
पूरे परिवार के सहयोग से हासिल की बड़ी सफलता
जाह्नवी के पिता मनोज कुमार गोयल एक बिजनेसमैन हैं, जबकि उनकी मां शिल्पी गोयल शिक्षिका हैं। उनके बड़े भाई राघव गोयल अमेरिका में सेटल हैं और वहां मैथ्स टीचर के रूप में कार्यरत हैं। जाह्नवी का कहना है कि उनके परिवार ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और हर कदम पर उनका साथ दिया। परिवार के समर्थन और सकारात्मक माहौल की वजह से ही वह अपने लक्ष्य पर पूरी तरह फोकस कर सकीं। उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और खुद पर भरोसा रखा जाए, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। सही टाइम मैनेजमेंट और निरंतर प्रयास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
आज जाह्नवी गोयल की यह उपलब्धि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो छोटे शहरों से निकलकर दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं।
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