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| कथा व्यास स्वामी उमादास जी महाराज |
कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग प्रस्तुत किया गया, पूरा पंडाल जयश्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से झूमते हुए राम जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया। मंच पर भगवान श्रीराम के जन्म की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। स्वामी उमादास जी ने कथा में बताया कि रावण के बढ़ते अत्याचारों और धरती पर अधर्म के बढ़ते भार को समाप्त करने के लिए भगवान विष्णु ने अयोध्या नरेश राजा दशरथ के घर श्रीराम के रूप में अवतार लिया।
मुख्य यजमान रजनी धर्मेंद्र सिंह ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वेदी पूजन कर राम जन्मोत्सव पर श्रद्धापूर्वक न्योछावर किया। आयोजन समिति के सदस्य सूर्य प्रताप सिंह, शैलेंद्र सिंह, विनोद सिंह एवं शेर बहादुर यादव ने आरती उतारकर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया।
कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख जयंती अभय राज यादव, तिलकधारी, शौर्य सिंह, चौथी राम प्रजापति, यश सिंह, विशाल सिंह, उमा प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

