मिली जानकारी के अनुसार पुराना चौक मोहल्ला निवासी वीरेंद्र जायसवाल ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके पुत्र नितिन जायसवाल, पुत्रवधू प्रीति जायसवाल, बद्दोपुर निवासी प्रदीप गौतम उर्फ सूर्या, उसकी पत्नी सविता देवी तथा एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा परिवार पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस कार्रवाई के दौरान प्रीति जायसवाल, प्रदीप गौतम और सविता देवी को गिरफ्तार कर लिया गया और आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए चालान भेज दिया गया। वहीं, मुख्य आरोपी नितिन जायसवाल फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है। इस मामले में कोतवाली प्रभारी के.के. सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को उनके आवास से गिरफ्तार किया गया है। वहीं, वादी वीरेंद्र जायसवाल का दावा है कि उनकी बहू प्रीति को सबरहद स्थित एक स्कूल से पकड़ा गया, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि गिरफ्तारी स्कूल परिसर के अंदर से हुई या बाहर से।
कथित रूप से ईसाई मिशनरियों की संलिप्तता को लेकर पूछे जाने पर क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह चौहान ने कहा कि यह बिंदु जांच के दायरे में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि किसी भी व्यक्ति या संगठन की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

