मिशन शक्ति की पहल से टूटने की कगार पर पहुंचे दो घरों को मिला सहारा, तीन साल की दूरी मिटी

खेतासराय, जौनपुर। रिश्ते कभी-कभी किसी बड़ी वजह से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी गलतफहमियों और आपसी मनमुटाव से भी दरकने लगते हैं। 3 साल से एक-दूसरे ...

Two families on the verge of breaking up found support through the 'Mission Shakti' initiative, bridging a three-year rift.

खेतासराय, जौनपुर।
रिश्ते कभी-कभी किसी बड़ी वजह से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी गलतफहमियों और आपसी मनमुटाव से भी दरकने लगते हैं। 3 साल से एक-दूसरे से दूर रह रहे पति-पत्नी के बीच भी कुछ ऐसा ही हुआ था लेकिन जब रिश्ते को खत्म करने के बजाय उसे एक और मौका देने की कोशिश हुई तो वर्षों की दूरी कुछ घंटों की समझाइश में सिमट गई। मिशन शक्ति टीम की काउंसलिंग के बाद पति-पत्नी ने पुरानी शिकायतें भुलाकर फिर से साथ रहने का फैसला किया। थाने से ही दोनों की हंसी-खुशी विदाई हुई तो पुलिसकर्मियों के चेहरे पर भी संतोष नजर आया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दीदारगंज थाना क्षेत्र के डीह कैथौली निवासी पतिराम यादव की पुत्री ऊषा देवी का विवाह करीब 3 वर्ष पूर्व खेतासराय थाना क्षेत्र के भदैनी गांव निवासी महेश के पुत्र सुंदर के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच अनबन शुरू हो गई। धीरे-धीरे विवाद इतना बढ़ा कि उषा देवी अपने मायके चली गईं और दोनों करीब 3 वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे।

मामला स्थानीय थाने तक पहुंचा तो पुलिस ने इसे महज विवाद मानकर छोड़ने के बजाय दोनों पक्षों के बीच संवाद कायम कराने की पहल किया। पति-पत्नी एवं दोनों पक्षों को मिशन शक्ति केंद्र पर बुलाकर काउंसलिंग की गई। टीम ने दोनों पक्षों की बात गंभीरता से सुनी और आपसी मतभेद दूर करने के लिए समझाया-बुझाया। थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बताया कि मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से साथ रहने का निर्णय लिया।

3 साल से मायके में रह रही ऊषा देवी जब पति के साथ अपने घर जाने के लिए तैयार हुईं तो थाने का माहौल भी भावुक हो गया। जिस रिश्ते के टूटने की आशंका थी, उसे समझदारी और संवाद ने फिर जोड़ दिया। दोनों पति-पत्नी राजी-खुशी साथ अपने घर चले गये। मिशन शक्ति टीम के इस प्रयास से न सिर्फ एक दांपत्य जीवन को नया अवसर मिला, बल्कि दोनों परिवारों को भी बिखरने से बचने का रास्ता मिला। इस दौरान उपनिरीक्षक लल्लू सिंह, महिला कांस्टेबल प्रियंका, महिला आरक्षी आंशिका साहनी एवं रंजू मौजूद रहीं।


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