Jaunpur News: 22 साल पुराने हत्याकांड में बड़ा फैसला, चार दोषियों को उम्रकैद
जौनपुर। करीब 22 वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में एडीजे प्रथम की अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने सांसद प्रतिनिधि मनोज मौर्या समेत चार सगे भाइयों को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। फैसला सुनाए जाने के बाद चारों दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।
2004 में जमीन विवाद को लेकर हुई थी हत्या
मामला वर्ष 2004 का है। 16 अगस्त 2004 को लाइन बाजार थाना क्षेत्र के मियापुर मोहल्ले में कलेक्ट्रेट तिराहे के पास जमीन विवाद को लेकर दिनदहाड़े आशीष मौर्या की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था।
घटना के संबंध में लाइन बाजार थाने में सात आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार मामले में राम सेवक मौर्या, अश्वनी मौर्या, आशीष मौर्या, पवन मौर्या, मनोज मौर्या समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया था।
लंबी सुनवाई के बाद चार आरोपियों को दोषी ठहराया
मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली। इस दौरान अदालत में गवाहों के बयान दर्ज किए गए और अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। सुनवाई पूरी होने के बाद एडीजे प्रथम की अदालत ने चार आरोपियों को हत्या का दोषी माना और सभी को आजीवन कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई।
अदालत के फैसले के बाद न्यायालय परिसर में हलचल बढ़ गई। न्यायालय के आदेश के तहत दोषी ठहराए गए चारों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।
अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद आया फैसला
करीब दो दशक से अधिक समय से चल रहे इस मुकदमे में फैसले को लेकर लोगों की नजरें टिकी हुई थीं। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता संजय श्रीवास्तव और विजय नाथ सिंह ने अदालत के समक्ष प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखा।
अभियोजन की पैरवी और अदालत के समक्ष रखे गए साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने चार आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके बाद चारों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।
